🗞️ चर्चा में क्यों आज के विस्तृत विश्लेषण तीन विषयों पर हैं। पहला, सर्वोच्च न्यायालय ने 29 अक्टूबर को RBI से कहा कि जहाँ उचित सावधानी (due diligence) में चूक से धोखाधड़ी संभव हुई, वहाँ वह बैंकों से डिजिटल अरेस्ट के पीड़ितों की क्षतिपूर्ति कराए। दूसरा, सर्वोच्च न्यायालय ने कर्नाटक का 2022 का वह क़ानून रद्द कर दिया, जिसने 2011 के राजपत्रित परिवीक्षाधीन अधिकारियों के चयन को वैध ठहराया था। तीसरा, असंगठित, गिग और प्लेटफ़ॉर्म कामगारों के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड। इनके साथ 30 अक्टूबर 2026 के इस समाचार सार में PM-KISAN की 24वीं किस्त, AIF और FPI के हिताधिकारी स्वामियों के प्रकटीकरण तथा दिल्ली-NCR में पटाखों पर सर्वोच्च न्यायालय, सेबू में 13वीं ADMM-Plus में राजनाथ सिंह, चक्रवात अर्णब के बाद की स्थिति, छह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में ECI की संशोधित SIR समय-सीमाएँ, अगले वायु सेना उप प्रमुख और भारत की हरित हाइड्रोजन ऑफ़टेक प्रतिबद्धताएँ शामिल हैं। अन्य समाचारों में 28 अक्टूबर के चार कैबिनेट फ़ैसले, भारत-मेक्सिको PTA वार्ता, नर्मदा बकाया समझौता और कैंसर-रोधी ब्रांडों की NPPA की संशोधित क़ीमतें हैं।
PM-KISAN की 24वीं किस्त: 9.34 करोड़ किसानों को लगभग ₹18,690 करोड़
सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) की 24वीं किस्त 30 अक्टूबर 2026 को बनासकांठा, गुजरात में जारी की। PIB ने एक पृष्ठभूमि नोट में बताया कि “9.34 करोड़ से अधिक पात्र किसानों को लगभग ₹18,690 करोड़ की प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता मिली”। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली के ज़रिए भेजी गई।
- योजना: 24 फ़रवरी 2019 को शुरू हुई PM-KISAN के तहत हर पात्र भूमिधारक किसान परिवार को ₹6,000 सालाना मिलते हैं, जो “₹2,000 की तीन बराबर किस्तों में उनके आधार से जुड़े बैंक खातों में” भेजे जाते हैं। लाभ तभी मिलता है जब किसान के भू-अभिलेख PM-KISAN पोर्टल पर दर्ज हों, बैंक खाता आधार से जुड़ा हो और e-KYC पूरा हो।
- कुल राशि: PIB के मुताबिक़ 24 किस्तों में अब तक ₹4.64 लाख करोड़ से अधिक बाँटे जा चुके हैं; केंद्रीय बजट 2026-27 में योजना के लिए ₹60,000 करोड़ आवंटित किए गए।
- आगे की राह: जुलाई 2026 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने को मंज़ूरी दी। इस अवधि का कुल परिव्यय ₹3.15 लाख करोड़ है।
- उसी दिन: PIB के मुताबिक़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनासकांठा में ₹14,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पण किया।
ऊपर दिए आँकड़े PIB के पृष्ठभूमि नोट के हैं; प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में पूर्णांकित संख्याएँ बताईं। हमारे पिछले समाचार सार (अंग्रेज़ी) में उन्नत कृषि कल्याण पोर्टल की जानकारी थी, जो PM-KISAN, AgriStack और PMFBY के लिए एकल खिड़की है।
📌 तथ्य सार
- PM-KISAN: 24 फ़रवरी 2019 को शुरू; ₹2,000 की तीन किस्तों में ₹6,000 सालाना, DBT के ज़रिए।
- 24वीं किस्त: 30 अक्टूबर 2026, बनासकांठा (गुजरात); 9.34 करोड़ से अधिक किसानों को लगभग ₹18,690 करोड़।
- योजना का विस्तार: 2026-27 से 2030-31, परिव्यय ₹3.15 लाख करोड़ (मंत्रिमंडल, जुलाई 2026)।
AIF और FPI के हिताधिकारी स्वामियों के पूर्ण प्रकटीकरण का आदेश देने से सर्वोच्च न्यायालय का इनकार
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को “भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) को अंतिम हिताधिकारी स्वामियों के ब्योरे का पूर्ण सार्वजनिक प्रकटीकरण अनिवार्य करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया”। मामला भारतीय प्रतिभूति बाज़ार में सक्रिय वैकल्पिक निवेश कोषों (AIF) और विदेशी पोर्टफ़ोलियो निवेशकों (FPI) से जुड़ा था।
- पीठ का तर्क: न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि आख़िरकार यह केंद्र सरकार और SEBI का काम है कि वे “एक ढाँचा बनाएँ, जिसके आधार पर अदालत ‘पूर्ण सार्वजनिक प्रकटीकरण’ के लिए परमादेश (mandamus) जारी कर सके”। अदालत ने केंद्र और SEBI से उपयुक्त पारदर्शिता विनियमों की ज़रूरत पर विचार करने को कहा। न्यायमूर्ति डी.के. उपाध्याय ने कहा, “नियामक SEBI है।”
- याचिका: यह रिट याचिका सांसद महुआ मोइत्रा ने दायर की थी; उनकी ओर से अधिवक्ता प्रशांत भूषण और शेरिल डिसूज़ा पेश हुए। याचिका में कहा गया कि म्यूचुअल फ़ंड के विपरीत AIF और FPI अपारदर्शी ढाँचों में काम करते हैं। याचिकाकर्ता के आँकड़ों के मुताबिक़ SEBI में पंजीकृत AIF की संख्या 2013 में 42 से बढ़कर 2025 में 1,528 हो गई। 2024 के अंत तक इनकी प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियाँ लगभग ₹13 लाख करोड़ तक पहुँच गईं।
- अनुच्छेद 32 पर सवाल: न्यायमूर्ति नागरत्ना ने पूछा कि जब यह मुद्दा सदन में उठाया जा सकता है, तो एक सांसद अनुच्छेद 32 के तहत जनहित याचिका को “अपना नाम क्यों देना” चाहती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी याचिकाओं पर सुनवाई करना अदालत के विवेक पर है।
- SEBI का पक्ष: सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि AIF और FPI निवेशों का प्रकटीकरण नियामक के सामने किया जाता है। उन्होंने अदाणी-हिंडनबर्ग मामले में अदालत के जनवरी 2024 के फ़ैसले, विशाल तिवारी बनाम भारत संघ, का हवाला दिया, जो SEBI के नियामक क्षेत्र की सीमित न्यायिक समीक्षा से जुड़ा है।
अदालत ने निर्देश जारी करने से इनकार किया; ऊपर दिए आँकड़े याचिकाकर्ता के हैं।
📌 तथ्य सार
- AIF और FPI प्रकटीकरण याचिका: सर्वोच्च न्यायालय, 29 अक्टूबर 2026; न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना की अध्यक्षता वाली पीठ; SEBI को कोई निर्देश नहीं।
- अनुच्छेद 32 का सवाल: न्यायमूर्ति नागरत्ना ने पूछा कि एक सांसद ने मुद्दा सदन में उठाने के बजाय जनहित याचिका क्यों दायर की।
- विशाल तिवारी बनाम भारत संघ (जनवरी 2024): SEBI के नियामक क्षेत्र की सीमित न्यायिक समीक्षा।
दिल्ली-NCR में पटाखे: सर्वोच्च न्यायालय ने कहा, उसके आदेशों का “धड़ल्ले से” उल्लंघन
द हिंदू के मुताबिक़ सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को कहा कि दीपावली पर पटाखों पर अंकुश लगाने, यहाँ तक कि उन पर प्रतिबंध लगाने के लिए साल-दर-साल दिए गए उसके आदेशों का “धड़ल्ले से” उल्लंघन हुआ है। न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और पी.बी. वराले की पीठ ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार भी सार्वजनिक स्वास्थ्य और मौलिक अधिकारों के संरक्षण के अधीन है।
- पूर्ण प्रतिबंध नहीं: न्यायमूर्ति सुंदरेश ने कहा कि अदालत पूर्ण प्रतिबंध के पक्ष में नहीं है। पीठ ने कहा, “इसका असर बढ़ता हुआ दूर तक फैल सकता है। लेकिन यह कहने के बाद भी, कृपया हमें कठोर क़दम उठाने के लिए मजबूर न करें।”
- प्रवर्तन: अदालत ने केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा कि नकली और प्रतिबंधित पटाखे बेचने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। न्यायाधीश ने कहा, “हमें अपने प्रवर्तन के आँकड़े दिखाइए।”
- आगे क्या: अदालत एक-दो दिन में आदेश सुनाने पर सहमत हुई। उसने सरकार से अब तक उठाए गए निवारक क़दमों पर हलफ़नामा दाखिल करने को कहा।
- पृष्ठभूमि: अक्टूबर 2025 में अदालत ने दीपावली के दौरान दिल्ली-NCR में शर्तों के साथ हरित पटाखों की बिक्री और उन्हें जलाने की अनुमति दी थी। याचिकाकर्ता अर्जुन गोपाल हैं।
हरित पटाखों की बहस पर हमारा 14 अक्टूबर का संपादकीय विश्लेषण, “The Sound and the Fiery” (अंग्रेज़ी) देखें।
📌 तथ्य सार
- पटाखा मामला: अर्जुन गोपाल की याचिका; न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और पी.बी. वराले की पीठ, 29 अक्टूबर 2026 की सुनवाई।
- अदालत का रुख़: पूर्ण प्रतिबंध के पक्ष में नहीं; प्रवर्तन के आँकड़े और निवारक क़दमों पर हलफ़नामा माँगा।
- अक्टूबर 2025: दीपावली के दौरान दिल्ली-NCR में शर्तों के साथ हरित पटाखों की अनुमति।
सेबू में ADMM-Plus: आतंकवाद-रोधी और समुद्री सहयोग पर राजनाथ सिंह
PIB के मुताबिक़ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 29 अक्टूबर 2026 को सेबू, फ़िलीपींस में 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक (ADMM)-प्लस को संबोधित किया। 13वीं ADMM-Plus का विषय था “Navigating Our Future, Together” (मिलकर अपने भविष्य की राह तय करना)।
- आतंकवाद-रोधी सहयोग: उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने में भारत की विशेषज्ञता “कक्षा में पढ़ा जाने वाला सैद्धांतिक ज्ञान नहीं है”। भारत संयुक्त अभ्यासों, क्षमता निर्माण और ख़ुफ़िया जानकारी साझा करके इसे बाँटने को तैयार है। भारत और मलेशिया 2024 से 2027 के चक्र के लिए ADMM-Plus के आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञ कार्य समूह (Experts’ Working Group on Counter-Terrorism) की सह-अध्यक्षता कर रहे हैं।
- समुद्र: उन्होंने भारत की ओर से 2026 को आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष घोषित किए जाने और दूसरे आसियान-भारत समुद्री अभ्यास के आयोजन का ज़िक्र किया। उनके मुताबिक़ क़ानून के शासन, ख़ासकर UNCLOS, और नौवहन व ऊपर से उड़ान की स्वतंत्रता पर भारत का ज़ोर “किसी देश के विरुद्ध नहीं है”। उन्होंने कहा कि अदन की खाड़ी जैसे गलियारों में “2008 से भारतीय नौसेना ने निर्बाध, सक्रिय उपस्थिति बनाए रखी है”।
- एक प्रस्ताव: उन्होंने लोगों के बीच संपर्क, डिजिटल नवाचार और क्षमता निर्माण के लिए एक समर्पित रक्षा ‘यूथ ब्रिज’ का प्रस्ताव रखा।
- इतर मुलाक़ात, 28 अक्टूबर: राजनाथ सिंह ने सेबू में अमेरिका के युद्ध सचिव (Secretary of War, PIB का प्रयोग) पीट हेगसेथ से मुलाक़ात की। PIB के मुताबिक़ दोनों ने “10 वर्षीय भारत-अमेरिका रक्षा ढाँचे की प्रगति की समीक्षा की”।
हमारे ADMM-Plus पूर्वावलोकन में ADMM-Plus की आधारभूत जानकारी है: आसियान और उसके आठ संवाद साझेदार; पहली बैठक 12 अक्टूबर 2010 को हनोई में हुई थी।
📌 तथ्य सार
- 13वीं ADMM-Plus: सेबू, फ़िलीपींस, 29 अक्टूबर 2026; विषय “Navigating Our Future, Together”।
- आतंकवाद-रोधी EWG: 2024 से 2027 के लिए भारत और मलेशिया सह-अध्यक्ष।
- 2026: आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष।
चक्रवात अर्णब के बाद: आंध्र में ₹4,600 करोड़ के नुक़सान का प्रारंभिक अनुमान, ओडिशा में बाढ़
अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफ़ान (Very Severe Cyclonic Storm) अर्णब ने 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यनम के तट पार किए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक़ तट से टकराने की प्रक्रिया रात लगभग 1:20 बजे शुरू हुई। तब अधिकतम निरंतर हवा की गति 125-135 किमी प्रति घंटा थी और झोंके 150 किमी प्रति घंटा तक थे; सुबह-सुबह के बुलेटिन तक यह घटकर 115-125 किमी प्रति घंटा रह गई, झोंके 140 किमी प्रति घंटा तक। PTI के मुताबिक़ तट पार करने के बाद, यनम के दक्षिण-पश्चिम में नरसापुर के पास, यह कमज़ोर होकर गंभीर चक्रवाती तूफ़ान (Severe Cyclonic Storm) में बदल गया।
- आंध्र प्रदेश, 29 अक्टूबर: द हिंदू के मुताबिक़ मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि “सरकार के प्रारंभिक आकलन के अनुसार” राज्य को अनुमानित ₹4,600 करोड़ का नुक़सान हुआ है। राज्य में चक्रवात से जुड़ी घटनाओं में सात लोगों की मौत हुई। उन्होंने बताया कि एक केंद्रीय दल शुक्रवार, 30 अक्टूबर को नुक़सान का आकलन करने डॉ. बी.आर. आंबेडकर कोनसीमा और पश्चिम गोदावरी ज़िलों में पहुँचेगा। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को स्थिति की जानकारी दे दी है।
- ओडिशा, 29 अक्टूबर: चक्रवात से हुई भारी बारिश ने गंजाम, गजपति और कंधमाल ज़िलों को अपनी चपेट में लिया। 29 अक्टूबर को सुबह 8.30 बजे ख़त्म हुए 24 घंटों में IMD ने सबसे अधिक 546 मिमी वर्षा पात्रपुर (गंजाम) में दर्ज की। द हिंदू के मुताबिक़ अकेले गंजाम में 42,500 लोग पानी से घिरकर फँस गए, और गंजाम व गजपति के 22 ब्लॉकों के 200 से अधिक गाँव बुरी तरह प्रभावित हुए।
- अगला तंत्र: IMD अमरावती का अनुमान है कि दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र 31 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर सघन होकर अवदाब बन जाएगा। राज्य में 1 नवंबर से भारी बारिश का एक और दौर आ सकता है। यह पूर्वानुमान है।
नुक़सान का यह आँकड़ा राज्य सरकार का प्रारंभिक अनुमान है, अंतिम आकलन नहीं। हमारे पिछले विस्तृत विश्लेषण में राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (NCMC) की समीक्षा और IMD के चक्रवात वर्गीकरण की व्याख्या है।
📌 तथ्य सार
- चक्रवात अर्णब: 28 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश और यनम के तट पार किए, फिर कमज़ोर होकर गंभीर चक्रवाती तूफ़ान बना।
- यनम: पुदुच्चेरी केंद्रशासित प्रदेश का हिस्सा, आंध्र प्रदेश के तट पर।
- पात्रपुर (गंजाम): 29 अक्टूबर को सुबह 8.30 बजे ख़त्म हुए 24 घंटों में 546 मिमी (IMD)।
ECI ने दिल्ली और पाँच राज्यों में SIR की समय-सीमा बढ़ाई
द हिंदू के मुताबिक़ भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 की देर रात भेजे गए अलग-अलग पत्रों के ज़रिए दिल्ली में मतदाता सूचियों के जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कार्यक्रम संशोधित किया है। साथ ही महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना और नगालैंड में दावों की अवधि फिर से खोली गई है। यह फ़ैसला सर्वोच्च न्यायालय के सुझाव के एक दिन बाद आया; अदालत ने 28 अक्टूबर को दिल्ली SIR मामले की सुनवाई में यह सुझाव दिया था।
- दिल्ली: 29 अक्टूबर 2026 के ECI पत्र संख्या 23/2026-ERS (Vol. II) के अनुसार दावे और आपत्तियाँ अब 25 नवंबर तक दाखिल की जा सकती हैं (पहले 30 अक्टूबर)। नोटिस और निपटान का चरण 15 दिसंबर तक चलेगा (पहले 30 नवंबर), और अंतिम सूची 22 दिसंबर को प्रकाशित होगी। अर्हता तिथि 1 अक्टूबर 2026 है।
- बाक़ी राज्य, द हिंदू के मुताबिक़: महाराष्ट्र में दावों की अवधि 26 अक्टूबर को ख़त्म हो गई थी; इसे 13 नवंबर तक बढ़ाया गया है और अंतिम सूची 30 नवंबर को आएगी। नोटिस और निपटारे की अवधि आंध्र प्रदेश और हरियाणा में 20 नवंबर, नगालैंड में 25 नवंबर और तेलंगाना में 26 नवंबर को ख़त्म होगी। ये राज्य 30 नवंबर को अंतिम सूचियाँ प्रकाशित करेंगे।
- सुनवाई की पृष्ठभूमि: LiveLaw के मुताबिक़ 28 अक्टूबर को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची के सामने सुनवाई में ECI के वकील ने कहा कि आयोग समय-सीमा बढ़ाने पर विचार करेगा। CJI ने सुझाव दिया कि गणना प्रपत्रों की समय-सीमा भी बढ़ाई जा सकती है। अदालत ने केवल सुझाव दिया था; समय-सीमा बढ़ाने का फ़ैसला ECI का है।
उसी सुनवाई में उठे फ़ॉर्म 6 के सवाल पर आज का द हिंदू के “Deemed Ineligible” का संपादकीय विश्लेषण देखें।
📌 तथ्य सार
- दिल्ली SIR, संशोधित: दावे और आपत्तियाँ 25 नवंबर तक, निपटान 15 दिसंबर तक, अंतिम सूची 22 दिसंबर 2026 को।
- अर्हता तिथि: 1 अक्टूबर 2026 (दिल्ली SIR)।
- महाराष्ट्र: दावों की अवधि 13 नवंबर तक बढ़ी; अंतिम सूची 30 नवंबर को।
एयर मार्शल इंद्रपाल सिंह वालिया होंगे अगले वायु सेना उप प्रमुख
रक्षा मंत्रालय ने 30 अक्टूबर को बताया कि एयर मार्शल इंद्रपाल सिंह वालिया, AVSM VM, “01 नवंबर 2026 से वायु सेना उप प्रमुख (VCAS) नियुक्त किए गए हैं”। वे अभी पूर्वी वायु कमान के एयर ऑफ़िसर कमांडिंग-इन-चीफ़ हैं।
- उत्तराधिकार: वे एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित का स्थान लेंगे, जो PIB के मुताबिक़ “31 अक्टूबर 2026 को 29वें वायु सेना प्रमुख का पदभार संभालेंगे”। दोनों बदलाव अभी लागू होने हैं।
- परिचय: PIB के मुताबिक़ वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र हैं और 11 जून 1988 को भारतीय वायु सेना (IAF) की लड़ाकू (फ़ाइटर) शाखा में कमीशन हुए। उन्हें 2008 में वायु सेना पदक और 2018 में अति विशिष्ट सेवा पदक मिला।
हमारे पिछले समाचार सार (अंग्रेज़ी) में एयर मार्शल दीक्षित को अगला वायु सेना प्रमुख नियुक्त किए जाने की ख़बर थी; वे एयर चीफ़ मार्शल अमर प्रीत सिंह के सेवानिवृत्त होने पर पद संभालेंगे।
📌 तथ्य सार
- अगले VCAS: एयर मार्शल इंद्रपाल सिंह वालिया, 1 नवंबर 2026 से; अभी AOC-in-C, पूर्वी वायु कमान।
- 29वें वायु सेना प्रमुख: एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, 31 अक्टूबर 2026 को पदभार संभालेंगे।
हरित हाइड्रोजन: MNRE के मुताबिक़ ऑफ़टेक प्रतिबद्धताएँ 5.5 लाख MTPA के पार
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने 29 अक्टूबर को बताया कि अक्टूबर 2026 तक भारतीय कंपनियों ने “कुल 5.5 लाख MTPA से अधिक” की हरित हाइड्रोजन ऑफ़टेक (ख़रीद) प्रतिबद्धताओं पर हस्ताक्षर किए हैं। मंत्रालय ने इन्हें दुनिया में सबसे बड़ी बताया।
- आँकड़े, MNRE के मुताबिक़: पक्की और हस्ताक्षरित प्रतिबद्धताएँ कुल 5,55,610 MTPA हैं, जो राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के लक्ष्य का लगभग 11% है। अकेले 2026 में कंपनियों ने 4 लाख MTPA से अधिक के 18 नए ऑफ़टेक समझौते किए।
- निर्यात: 2023 में मिशन की शुरुआत से अब तक 23 ऑफ़टेक अनुबंध हुए हैं, जिनमें से 70% से अधिक निर्यात के लिए निर्धारित हैं। इन परियोजनाओं से लगभग ₹90,000 करोड़ (लगभग USD 9.5 बिलियन) का निवेश आने की उम्मीद है।
- मिशन: MNRE के मुताबिक़ मिशन को 2029-30 तक ₹19,744 करोड़ के आरंभिक परिव्यय के साथ मंज़ूरी मिली थी। इसका लक्ष्य 2030 तक कम-से-कम 5 MMTPA हरित हाइड्रोजन का उत्पादन है।
ये हस्ताक्षरित आपूर्ति प्रतिबद्धताएँ हैं, उत्पादन नहीं: MNRE के मुताबिक़ इन्हें पूरा करने के लिए ₹90,000 करोड़ से अधिक का निवेश चाहिए होगा।
📌 तथ्य सार
- हरित हाइड्रोजन ऑफ़टेक: अक्टूबर 2026 तक 5,55,610 MTPA पर हस्ताक्षर, मिशन के लक्ष्य का लगभग 11% (MNRE)।
- राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन: 2030 तक कम-से-कम 5 MMTPA का लक्ष्य; 2029-30 तक ₹19,744 करोड़ का आरंभिक परिव्यय।
अन्य प्रमुख समाचार
- मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना को मंज़ूरी दी (28 अक्टूबर)। PIB के मुताबिक़ केंद्रीय मंत्रिमंडल ने PM VGSY को 2026-27 से 2030-31 के लिए केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में मंज़ूरी दी; इसकी अवधि सोलहवें वित्त आयोग की अवधि के साथ-साथ चलेगी। परिव्यय ₹7,395.55 करोड़ है, जिसमें ₹4,869.48 करोड़ केंद्र का हिस्सा और ₹2,526.07 करोड़ राज्यों का हिस्सा है। 2.55 लाख से अधिक पंचायतों और पारंपरिक स्थानीय निकायों के लगभग 32 लाख निर्वाचित प्रतिनिधि इसके प्रत्यक्ष लाभार्थी होंगे।
- महंगाई भत्ते में 3% की बढ़ोतरी (28 अक्टूबर)। मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनभोगियों को महंगाई राहत (DR) की एक अतिरिक्त किस्त 1 जुलाई 2026 से देने को मंज़ूरी दी। यह मूल वेतन या पेंशन की मौजूदा 60% दर पर 3% की बढ़ोतरी है। PIB के मुताबिक़ इसका संयुक्त असर ₹10,016.10 करोड़ सालाना होगा, और इसका लाभ लगभग 48.54 लाख कर्मचारियों और 68.71 लाख पेंशनभोगियों को मिलेगा।
- खेलो इंडिया खेल उपकरण विनिर्माण योजना (28 अक्टूबर)। PIB के मुताबिक़ मंत्रिमंडल ने केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित इस योजना को 2026 से 2033-34 की अवधि के लिए ₹1,856.67 करोड़ के कुल परिव्यय के साथ मंज़ूरी दी। इसका मक़सद खेल उपकरणों में निवेश, विनिर्माण, नवाचार और निर्यात को बढ़ावा देना है।
- कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना (28 अक्टूबर)। मंत्रिमंडल ने आयात पर निर्भरता घटाने के लिए वित्त वर्ष 2039-40 तक ₹10,000 करोड़ के बजटीय परिव्यय वाली इस योजना को मंज़ूरी दी। PIB के मुताबिक़ इसका लक्ष्य देश में कंटेनर विनिर्माण की सालाना क्षमता लगभग दस गुना बढ़ाकर 7.5 लाख TEU तक ले जाना है।
- भारत और मेक्सिको के बीच PTA वार्ता शुरू (28 अक्टूबर)। भारत और मेक्सिको ने अधिमान्य व्यापार समझौते की वार्ता के लिए संदर्भ की शर्तों (Terms of Reference) पर हस्ताक्षर किए। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक़ इससे “वार्ता औपचारिक रूप से शुरू होती है”। इन शर्तों में वस्तुओं के लिए बाज़ार पहुँच, उत्पत्ति के नियम, सीमा शुल्क प्रक्रियाएँ, विवाद निपटान, स्वच्छता और पादप स्वच्छता (SPS) उपाय और व्यापार की तकनीकी बाधाएँ शामिल हैं।
- नर्मदा बकाया समझौता अंगीकार (27 अक्टूबर)। नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की समीक्षा समिति (RCNCA) की 15वीं बैठक केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की अध्यक्षता में हुई, जिसमें गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्री शामिल थे। PIB ने 29 अक्टूबर को बताया कि बैठक में चारों राज्यों के बीच 7 जुलाई 2026 को हस्ताक्षरित करार ज्ञापन (Memorandum of Agreement) को “सभी लंबित अंतर-राज्यीय बकायों के एकमुश्त निपटान के रूप में” अंगीकार किया गया। PIB ने इसे सरदार सरोवर परियोजना की लागत-साझेदारी से जुड़े विवाद ख़त्म करने की दिशा में “एक ऐतिहासिक उपलब्धि” बताया; उसने कोई राशि नहीं बताई।
- 543 कैंसर-रोधी ब्रांडों की NPPA की संशोधित क़ीमतें (28 अक्टूबर)। PIB के मुताबिक़ राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने कैंसर-रोधी दवाओं के 543 ब्रांडों के संशोधित MRP जारी किए, जो 9 नवंबर 2026 से लागू होंगे। क्या मरीज़ों के बिल घटेंगे, इस सवाल पर आज का वाई के गुप्ता के स्तंभ का संपादकीय विश्लेषण देखें।
पिछले अंकों से
- 27 अक्टूबर: चक्रवात अर्णब: आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट, 28 अक्टूबर को तट से टकराने की संभावना।
- 27 अक्टूबर: CEC को हटाने पर ECI का हलफ़नामा और DNPA की DPDP अधिनियम याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय का नोटिस।
- 26 अक्टूबर: चक्रवात अर्णब, NCMC की समीक्षा और IMD का पैमाना।
- 26 अक्टूबर: सेबू में होने वाली ADMM-Plus और उसकी आधारभूत जानकारी।
- 25 अक्टूबर: SBI डेटा उल्लंघन और DPDP क़ानून, द हिंदू से।
- 24 अक्टूबर: बंगाल की खाड़ी का निम्न दबाव, जिसके चक्रवात अर्णब बनने की संभावना थी (अंग्रेज़ी)।
- 20 अक्टूबर: PM-KISAN, AgriStack और PMFBY के लिए उन्नत कृषि कल्याण पोर्टल (अंग्रेज़ी)।
- 18 अक्टूबर: NPPA ने 137 कैंसर-रोधी दवाओं पर 30% व्यापार मार्जिन की सीमा अधिसूचित की (अंग्रेज़ी)।
- 17 अक्टूबर: विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण बनाम SIR, द हिंदू से (अंग्रेज़ी)।
- 14 अक्टूबर: आसियान-भारत रक्षा थिंक टैंक फ़ोरम (अंग्रेज़ी)।
- 14 अक्टूबर: हरित पटाखे और दिल्ली का प्रदूषण: The Sound and the Fiery (अंग्रेज़ी)।
- 9 अक्टूबर: कैंसर दवाओं पर व्यापार मार्जिन की सीमा: MRP का 30%, NPPA और DPCO (अंग्रेज़ी)।
- 7 अक्टूबर: एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित होंगे अगले वायु सेना प्रमुख (अंग्रेज़ी)।
UPSC प्रासंगिकता
| प्रश्नपत्र | पाठ्यक्रम का विषय | आज का संदर्भ |
|---|---|---|
| GS1 | चक्रवात जैसी महत्वपूर्ण भूभौतिकीय घटनाएँ | चक्रवात अर्णब का तट से टकराना और अगला अवदाब |
| GS2 | न्यायपालिका की संरचना और कार्यप्रणाली; रिट अधिकारिता | अनुच्छेद 32 के तहत AIF और FPI प्रकटीकरण याचिका; पटाखा मामला |
| GS2 | चुनाव; निर्वाचन आयोग | ECI की संशोधित SIR समय-सीमाएँ |
| GS2 | द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह | ADMM-Plus; भारत-अमेरिका रक्षा ढाँचा; भारत-मेक्सिको PTA |
| GS2 | स्थानीय शासन; कल्याणकारी योजनाएँ | प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना; PM-KISAN |
| GS3 | कृषि: प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कृषि सहायता | PM-KISAN की 24वीं किस्त |
| GS3 | पूंजी बाज़ार; नियामक निकाय | SEBI, AIF और FPI |
| GS3 | पर्यावरण: प्रदूषण | दिल्ली-NCR में पटाखे |
| GS3 | ऊर्जा; संरक्षण | हरित हाइड्रोजन ऑफ़टेक प्रतिबद्धताएँ |
| GS3 | आपदा और आपदा प्रबंधन | आंध्र प्रदेश और ओडिशा में चक्रवात अर्णब से नुक़सान |
| GS3 | सुरक्षा बल | अगले वायु सेना उप प्रमुख |
📌 तथ्य सार: ज्ञानकोश
प्रारंभिक परीक्षा: कथन-आधारित तथ्य:
- PM-KISAN: 24 फ़रवरी 2019 को शुरू; ₹2,000 की तीन किस्तों में ₹6,000 सालाना; 24वीं किस्त 30 अक्टूबर 2026 को।
- AIF और FPI याचिका: न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने SEBI को पूर्ण सार्वजनिक प्रकटीकरण अनिवार्य करने का निर्देश देने से इनकार किया।
- पटाखा मामला: न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और पी.बी. वराले की पीठ; पूर्ण प्रतिबंध के पक्ष में नहीं।
- 13वीं ADMM-Plus: सेबू, फ़िलीपींस; 2024 से 2027 के लिए आतंकवाद-रोधी EWG के सह-अध्यक्ष भारत और मलेशिया।
- 2026: आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष घोषित।
- चक्रवात अर्णब: 28 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश और यनम के तट पार किए।
- दिल्ली SIR: दावे 25 नवंबर तक, अंतिम सूची 22 दिसंबर 2026 को; अर्हता तिथि 1 अक्टूबर 2026।
- अगले VCAS: 1 नवंबर 2026 से एयर मार्शल इंद्रपाल सिंह वालिया; एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित होंगे 29वें वायु सेना प्रमुख (CAS)।
- राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन: 2030 तक कम-से-कम 5 MMTPA; ऑफ़टेक प्रतिबद्धताएँ लक्ष्य का लगभग 11% (MNRE)।
- PM VGSY: केंद्र प्रायोजित योजना, 2026-27 से 2030-31; परिव्यय ₹7,395.55 करोड़।
प्रारंभिक परीक्षा: संभावित भ्रामक बिंदु:
- इनकार का अर्थ विरुद्ध फ़ैसला नहीं: अदालत ने प्रकटीकरण के मानदंड केंद्र और SEBI पर छोड़े; उसने नियामक ढाँचे के बिना परमादेश जारी करने से इनकार किया।
- सुनवाई आदेश नहीं: 29 अक्टूबर को पटाखा मामले की पीठ केवल बाद में आदेश सुनाने पर सहमत हुई; SIR की समय-सीमा ECI ने बढ़ाई है, यह अदालत का आदेश नहीं।
- नुक़सान का अनुमान: मुख्यमंत्री के मुताबिक़ ₹4,600 करोड़ आंध्र प्रदेश सरकार का प्रारंभिक आकलन है।
- ऑफ़टेक उत्पादन नहीं: 5.5 लाख MTPA हस्ताक्षरित ख़रीद प्रतिबद्धताएँ हैं, उत्पादित हाइड्रोजन नहीं।
- ADMM बनाम ADMM-Plus: ADMM आसियान के रक्षा मंत्रियों की अपनी बैठक है; ADMM-Plus में आठ संवाद साझेदार भी जुड़ते हैं, जिनमें भारत भी है।
मुख्य परीक्षा: तर्क और प्रमुख शब्दावली:
- बाज़ार की पारदर्शिता: AIF और FPI के हिताधिकारी स्वामित्व का प्रकटीकरण बनाम नियामक का क्षेत्र और सीमित न्यायिक समीक्षा।
- प्रदूषण और त्योहार: पूर्ण प्रतिबंध के बजाय विक्रेताओं के ख़िलाफ़ प्रवर्तन और जन-जागरूकता; सार्वजनिक स्वास्थ्य धार्मिक प्रथा की सीमा तय करता है।
- समुद्री कूटनीति: UNCLOS, नौवहन की स्वतंत्रता और नौसेना की निरंतर उपस्थिति, आसियान के लिए भारत की पेशकश के रूप में।
- आय सहायता: आधार से जुड़े खातों के ज़रिए DBT बिचौलियों को हटाता है; भू-अभिलेखों का जुड़ाव तय करता है कि कौन योजना के दायरे में आएगा।
साक्षात्कार: इनके लिए तैयार रहें:
- “जहाँ नियामक ने नियम नहीं बनाए, क्या वहाँ अदालतों को प्रकटीकरण का आदेश देना चाहिए?” नियामक के क्षेत्र को अदालत की रिट शक्ति से अलग करके देखें, और पहले ढाँचा बनाने के पक्ष में तर्क दें।
- “क्या पटाखों पर प्रतिबंध कारगर हो सकता है?” सार्वजनिक स्वास्थ्य को परंपरा और आजीविका के सामने तौलें; बिक्री के स्तर पर प्रवर्तन और जागरूकता के पक्ष में तर्क दें।
स्रोत: PIB, 30 अक्टूबर 2026 और PIB, 30 अक्टूबर 2026 (PM-KISAN); The Hindu, 29 अक्टूबर 2026 (AIF और FPI); The Hindu, 29 अक्टूबर 2026 (पटाखे); PIB, 29 अक्टूबर 2026 और PIB, 28 अक्टूबर 2026 (ADMM-Plus); News On AIR, 28 अक्टूबर 2026, DT Next/PTI, 28 अक्टूबर 2026, The Hindu, दिल्ली संस्करण, 30 अक्टूबर 2026, और The Hindu, 29 अक्टूबर 2026 (चक्रवात अर्णब); The Hindu, 30 अक्टूबर 2026, CEO Delhi, संशोधित कार्यक्रम और LiveLaw, 28 अक्टूबर 2026 (SIR); PIB, 30 अक्टूबर 2026 (VCAS); PIB, 29 अक्टूबर 2026 (हरित हाइड्रोजन); PIB, 28 अक्टूबर 2026: PM VGSY, DA और DR, Khelo India Sports Goods, Container Manufacturing, India-Mexico PTA और NPPA; PIB, 29 अक्टूबर 2026 (RCNCA)।
- टिप्पणी: उद्धरण-चिह्नों में दिए गए विधिक और आधिकारिक अंश अंग्रेज़ी पाठ के हिंदी अनुवाद हैं।
संशोधन (30 अक्टूबर 2026): कुछ शब्द पहले अनौपचारिक हिंदी रूपों में लिखे गए थे; अब आधिकारिक रूप दिए गए हैं: “हिताधिकारी स्वामी” (RBI), “खेलो इंडिया खेल उपकरण विनिर्माण योजना” (PIB हिंदी) और “गंभीर” व “अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफ़ान” (IMD)।