🗞️ चर्चा में क्यों BIMSTEC का पहला समुद्री सुरक्षा अभ्यास 30 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक चल रहा है। इसमें BIMSTEC के सभी सात सदस्य एक साथ आए हैं: बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड (रक्षा मंत्रालय, PIB, 31 अक्टूबर 2026)। अभ्यास श्री विजयपुरम (पूर्व में पोर्ट ब्लेयर) में शुरू हुआ और इसकी मेज़बानी अंडमान और निकोबार कमान (ANC) कर रही है। ANC के मुताबिक़ यह अभ्यास दो चरणों में हो रहा है: एक हार्बर चरण और एक समुद्री चरण।
पिछले एक विस्तृत लेख में पहली BIMSTEC गृह मंत्रियों की बैठक और दिल्ली घोषणा (अंग्रेज़ी) की चर्चा हुई थी, यानी अपराध, नशीले पदार्थों और आपदाओं पर समूह का सुरक्षा ट्रैक। यह लेख समुद्र की बात करता है।
एक नज़र में अभ्यास
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| नाम | BIMSTEC का पहला समुद्री सुरक्षा अभ्यास |
| शुरुआत कहाँ हुई | श्री विजयपुरम (पूर्व में पोर्ट ब्लेयर), अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह |
| मेज़बान | अंडमान और निकोबार कमान (ANC) |
| प्रतिभागी | सभी सात सदस्य: बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका, थाईलैंड |
| ध्येय-वाक्य | “साझा समुद्र, साझा सुरक्षा और साझा समृद्धि” (PIB) |
| चरण | पहले हार्बर चरण, फिर समुद्री चरण (ANC) |
रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति में अभ्यास का उद्देश्य बताया गया है: “इस अभ्यास का उद्देश्य अंतर-संचालनीयता बढ़ाना, समुद्री क्षेत्र जागरूकता को मज़बूत करना, समन्वय तंत्रों में सुधार करना और BIMSTEC सदस्य देशों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।” विज्ञप्ति इस अभ्यास को “BIMSTEC के सदस्य देशों के बीच समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव” बताती है।
विज्ञप्ति में न किसी स्थल का नाम है, न जहाज़ों का, न किसी समुद्री क्षेत्र का। स्थल की जानकारी ANC के अपने उन बयानों से मिलती है जो प्रेस में छपे। Odisha Bytes के मुताबिक़ अभ्यास “शुक्रवार को श्री विजयपुरम (पूर्व में पोर्ट ब्लेयर) में शुरू हुआ”, यानी 30 अक्टूबर को। जहाज़ों या विमानों की कोई संख्या प्रकाशित नहीं हुई है, और न ही समुद्र में अभ्यास क्षेत्र की कोई जानकारी।
अभ्यास की रूपरेखा: सदस्य, चरण, उद्देश्य
BIMSTEC का पहला समुद्री सुरक्षा अभ्यास
इसमें मेज़बान, कौन किस रूप में भाग ले रहा है, दोनों चरण और PIB के बताए चार उद्देश्य दिए गए हैं।
ANC ने अभ्यास की रूपरेखा दो चरणों में बताई: “पेशेवर आदान-प्रदान और योजना का हार्बर चरण भरोसा और समझ बनाएगा, और समुद्री चरण पानी पर अंतर-संचालनीयता को और पैना करेगा। दोनों मिलकर एक सुरक्षित, संरक्षित और स्थिर खाड़ी के साझा दृष्टिकोण को समुद्र में समन्वित कार्रवाई में बदलते हैं।”
कौन क्या भेजेगा, यह भूगोल के हिसाब से अलग-अलग है। 29 अक्टूबर को OMM Com में छपी ANC की योजना के अनुसार बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका और थाईलैंड की साझेदार नौसेनाओं की परिसंपत्तियाँ इसमें हिस्सा लेने वाली थीं। वहीं भूटान और नेपाल को अपने प्रतिनिधि भेजने थे, क्योंकि ये भू-आबद्ध देश अपने EXIM व्यापार के लिए बंगाल की खाड़ी पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं। भारत मेज़बान के रूप में ANC के ज़रिए हिस्सा ले रहा है। श्रीलंका के अख़बार island.lk के मुताबिक़ SLNS गजबाहु 29 अक्टूबर को श्री विजयपुरम पहुँचा। पहले दिन भाग लेने वाले नौसैनिक और तटरक्षक जहाज़ों के कमांडिंग अधिकारियों और कर्मियों को सुरक्षा प्रोटोकॉल और नियोजित परिचालन गतिविधियों की जानकारी दी गई।
ANC के लक्ष्य PIB के चार उद्देश्यों से ज़्यादा व्यापक हैं। रिपोर्टों के मुताबिक़ उसकी सूची में ये शामिल हैं: समुद्री क्षेत्र जागरूकता (MDA), पूरी बंगाल की खाड़ी में परिचालन समन्वय, क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग, मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR), और सीमा-पार समुद्री अपराधों से निपटना, साथ ही तेल और ख़तरनाक पदार्थों के रिसाव से होने वाले समुद्री प्रदूषण से निपटना।
अभ्यास तक का सफ़र
BIMSTEC का सुरक्षा एजेंडा बरसों पुराना है, लेकिन समुद्री सुरक्षा अभ्यास नई चीज़ है। नीचे दिए गए पड़ाव विदेश मंत्रालय (MEA) और PIB के रिकॉर्ड से लिए गए हैं।
| कब | पड़ाव | क्या हुआ |
|---|---|---|
| 6 जून 1997 | बैंकॉक घोषणा | BIMSTEC अस्तित्व में आया |
| 2014 से | स्थायी सचिवालय, ढाका | समूह को एक स्थायी कार्यालय मिला |
| 20 मई 2024 | BIMSTEC चार्टर लागू | कोलंबो शिखर सम्मेलन (मार्च 2022) में अपनाया गया; MEA इसके अपनाए जाने को एक समूह से क्षेत्रीय संगठन बनने की दिशा में मील का पत्थर बताता है |
| 4 अप्रैल 2025 | 6वाँ शिखर सम्मेलन, बैंकॉक, थाईलैंड की मेज़बानी में | बैंकॉक विज़न 2030 अपनाया गया और BIMSTEC समुद्री परिवहन समझौते पर हस्ताक्षर हुए |
| 24-25 नवंबर 2025 | समुद्री सुरक्षा सहयोग पर BIMSTEC विशेषज्ञ समूह की 4थी बैठक, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय की मेज़बानी में | सदस्यों ने “निकट भविष्य में समुद्री अभ्यास करने की व्यवहार्यता” पर विचार-विमर्श किया |
| 30 अक्टूबर 2026 | पहला समुद्री सुरक्षा अभ्यास | श्री विजयपुरम में शुरू हुआ |
परीक्षा के लिहाज़ से तीन बातें अहम हैं।
- शिखर सम्मेलन ने अभ्यास का आदेश नहीं दिया था। PIB के अनुसार यह अभ्यास “‘BIMSTEC: समृद्ध, सुदृढ़ और खुला’ विषय पर हुए 6वें BIMSTEC शिखर सम्मेलन के परिणामों को आगे बढ़ाते हुए” हो रहा है। समुद्र से जुड़ा शिखर सम्मेलन का सबसे क़रीबी परिणाम समुद्री परिवहन समझौता था। इसमें जहाज़ों, चालक दल और माल को राष्ट्रीय व्यवहार और सहायता, प्रमाणपत्रों और दस्तावेज़ों की पारस्परिक मान्यता, एक संयुक्त नौवहन समन्वय समिति और एक विवाद निपटान तंत्र का प्रावधान है।
- विशेषज्ञ समूह ने व्यवहार्यता पर चर्चा की, कोई फ़ैसला नहीं किया। नवंबर 2025 में हुई उसकी चौथी बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा समन्वयक, वाइस एडमिरल बिस्वजीत दासगुप्ता (सेवानिवृत्त) ने की। सदस्यों ने एक कार्ययोजना पर चर्चा की, जिसमें क़ानून प्रवर्तन एजेंसियों को आपस में जोड़ना, सूचना साझा करना और समुद्री ख़तरों पर सामूहिक जवाबी कार्रवाई शामिल थी। साथ ही समुद्री अभ्यासों की व्यवहार्यता पर भी बात हुई।
- सुरक्षा पर बातचीत की अगुवाई भारत करता है। भारत सुरक्षा स्तंभ का अग्रणी देश है, और MEA के मुताबिक़ “भारत समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और अंतरिक्ष के क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा का नेतृत्व कर रहा है।”
“पहला” (Inaugural) का मतलब है पहला समुद्री सुरक्षा अभ्यास, किसी भी तरह का पहला अभ्यास नहीं। MEA ने BIMSTEC के चार आपदा प्रबंधन अभ्यास गिनाए हैं, जो 2017, 2020, 2021 और 2025 (वर्चुअल) में हुए।
अंडमान और निकोबार कमान ही मेज़बान क्यों
ANC का गठन 8 अक्टूबर 2001 को हुआ था। अभ्यास पर PIB की विज्ञप्ति इसे “भारत की पहली एकीकृत त्रि-सैन्य कमान” कहती है और इसे मेज़बान चुनने की वजह भी बताती है: “महत्वपूर्ण समुद्री संचार मार्गों के बीचोंबीच इसकी स्थिति, और समुद्री निगरानी, मानवीय सहायता और आपदा राहत, खोज और बचाव तथा क्षेत्रीय जुड़ाव में इसकी क्षमताएँ इसे बंगाल की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा का एक अहम स्तंभ बनाती हैं।”
कमान के 21वें स्थापना दिवस पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के संदेश (PIB, 2021) में भी यही बात कही गई थी: पूर्वी सीमाओं की रखवाली, “दुनिया के कुछ सबसे महत्वपूर्ण SLOC के आर-पार फैले रहते हुए”, इन द्वीपों को “राष्ट्र के लिए सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक क्षेत्रों में से एक” बनाती है। SLOC यानी समुद्री संचार मार्ग (sea lanes of communication), यानी वे रास्ते जिनसे समुद्र में जहाज़ आते-जाते हैं।
स्थल का नाम नया है। सितंबर 2024 में सरकार ने घोषणा की थी कि उसने “अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह की राजधानी पोर्ट ब्लेयर का नाम बदलकर ‘श्री विजयपुरम’ करने का निर्णय लिया है” (PIB)।
BIMSTEC के लिए बंगाल की खाड़ी क्यों अहम है
PIB बंगाल की खाड़ी को “दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र” बताता है, “जो व्यापार, संपर्क, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास को सहारा देता है।” MEA के आँकड़ों के अनुसार BIMSTEC क्षेत्र में 1.7 बिलियन लोग रहते हैं, यानी दुनिया की आबादी का 22%, और इनका संयुक्त GDP US$ 5 ट्रिलियन से अधिक है।
- व्यापार और भू-आबद्ध सदस्य। भूटान और नेपाल के पास कोई समुद्र तट नहीं है, फिर भी वे अपने EXIM (निर्यात-आयात) व्यापार के लिए खाड़ी पर निर्भर हैं। इसीलिए एक समुद्री अभ्यास में भी उनकी जगह है।
- साझा ख़तरे। ANC ने जो लक्ष्य गिनाए हैं (सीमा-पार समुद्री अपराध, तेल और ख़तरनाक पदार्थों का रिसाव, आपदा राहत), उन पर कोई भी तटीय देश अकेले नज़र नहीं रख सकता। समुद्री क्षेत्र जागरूकता, यानी यह जानना कि समुद्र में क्या आ-जा रहा है, इन सबको जोड़ने वाली कड़ी है।
- नौवहन और सुरक्षा साथ-साथ। समुद्री परिवहन समझौता सदस्यों के बीच नौवहन को आसान बनाता है; समुद्र में समन्वय सुधारने वाला अभ्यास इसमें सुरक्षा का पहलू जोड़ता है।
मानचित्र कार्य: बंगाल की खाड़ी और अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह
मानचित्र 1: बंगाल की खाड़ी और BIMSTEC के सदस्य
बंगाल की खाड़ी और BIMSTEC के सदस्य
इसमें सात सदस्य, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, दस डिग्री चैनल और इंदिरा पॉइंट दिखाए गए हैं।
मानचित्र पर चिह्नित करें
| स्थान | कहाँ है | इस ख़बर में क्यों |
|---|---|---|
| श्री विजयपुरम (पूर्व में पोर्ट ब्लेयर) | दक्षिण अंडमान द्वीप; अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह की राजधानी और सबसे बड़ा शहर | यहीं 30 अक्टूबर 2026 को अभ्यास शुरू हुआ |
| अंडमान द्वीपसमूह और निकोबार द्वीपसमूह | म्यांमार और सुमात्रा (इंडोनेशिया) के बीच एक चाप, जिसके पश्चिम में बंगाल की खाड़ी और पूर्व में अंडमान सागर है | मेज़बान ANC यहीं स्थित है |
| दस डिग्री चैनल | उत्तर में अंडमान समूह और दक्षिण में निकोबार समूह के बीच | वह समुद्री मार्ग जो द्वीप-शृंखला को दो हिस्सों में बाँटता है |
| इंदिरा पॉइंट | ग्रेट निकोबार का दक्षिणी सिरा | भारत का सबसे दक्षिणी बिंदु |
| बंगाल की खाड़ी | अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के पश्चिम में | सातों सदस्यों का साझा समुद्र |
| अंडमान सागर | अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के पूर्व में | द्वीप-चाप का पूर्वी हिस्सा |
| ढाका | बांग्लादेश की राजधानी | BIMSTEC स्थायी सचिवालय का मुख्यालय |
| बैंकॉक | थाईलैंड की राजधानी | बैंकॉक घोषणा (1997); 6वाँ शिखर सम्मेलन (2025) |
| थिंपू और काठमांडू | भूटान और नेपाल की राजधानियाँ, यानी दो भू-आबद्ध सदस्यों की | वे सदस्य जिन्हें जहाज़ नहीं, प्रतिनिधि भेजने थे (ANC की योजना) |
| नेपीडॉ और श्री जयवर्धनेपुरा कोट्टे | म्यांमार और श्रीलंका की राजधानियाँ | वे सदस्य जिनकी नौसेनाओं को, बांग्लादेश और थाईलैंड के साथ, परिसंपत्तियाँ भेजनी थीं |
प्रारंभिक परीक्षा के लिए मानचित्र तथ्य
- अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में 8,249 वर्ग किमी में फैले 836 द्वीप और टापू हैं, जिनमें से केवल 31 पर स्थायी आबादी है (अंडमान और निकोबार प्रशासन)।
- ये 6° से 14° उत्तरी अक्षांश और 92° से 94° पूर्वी देशांतर के बीच फैले हैं।
- द्वीप-चाप म्यांमार और सुमात्रा के बीच लगभग 1,000 किमी तक फैला है और बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान सागर के बीच सीमा बनाता है (Britannica)।
- अंडमान और निकोबार प्रशासन के आँकड़े के अनुसार दस डिग्री चैनल लगभग 150 किमी चौड़ा है (Britannica इसे लगभग 145 किमी बताता है)।
- ग्रेट निकोबार पर 6°45’10" उत्तर और 93°49’36" पूर्व पर स्थित इंदिरा पॉइंट भारत का सबसे दक्षिणी बिंदु है। श्री विजयपुरम चेन्नई से लगभग 1,190 किमी और कोलकाता से 1,255 किमी दूर है।
मुख्य परीक्षा की दृष्टि से: अभ्यास क्या जोड़ता है, और इसकी सीमाएँ
यह क्या जोड़ता है। जिस समूह के नाम में ही तकनीकी और आर्थिक सहयोग पर ज़ोर है, उसके लिए समुद्री सुरक्षा अभ्यास सहयोग को बैठकों से निकालकर समुद्र में अमल तक ले जाता है। भारत जिस सुरक्षा स्तंभ की अगुवाई करता है, उसे यह एक साझा गतिविधि में बदलता है। साथ ही समुद्री मार्गों के पास स्थित भारत की द्वीपीय कमान को मिलन-स्थल बनाता है। यह दोनों भू-आबद्ध सदस्यों को भी बंगाल की खाड़ी की सुरक्षा में जगह देता है, जो व्यापार के लिए खाड़ी के बंदरगाहों पर उनकी निर्भरता से मेल खाता है।
सीमाएँ। यह पहला संस्करण है और अब तक की जानकारी कम है: न जहाज़ों की संख्या प्रकाशित हुई है, न समुद्री क्षेत्र, न कोई परिणाम। BIMSTEC सर्वसम्मति से फ़ैसले लेता है, इसलिए एक अभ्यास को नियमित कैलेंडर में बदलने के लिए हर सदस्य की सहमति ज़रूरी है। यहाँ तक का रास्ता धीरे-धीरे तय हुआ: विशेषज्ञ समूह ने नवंबर 2025 में व्यवहार्यता की बात की थी, और शिखर सम्मेलन के दस्तावेज़ों में किसी अभ्यास का आदेश नहीं था।
किन बातों पर नज़र रखें। अभ्यास 3 नवंबर 2026 को ख़त्म होना तय है। BIMSTEC इसे नियमित आयोजन बनाता है या नहीं, और यह सूचना साझा करने व सामूहिक जवाबी कार्रवाई की उस कार्ययोजना से कैसे जुड़ता है जिस पर विशेषज्ञ समूह ने चर्चा की थी, इसी से पता चलेगा कि यह मील का पत्थर है या एक बार का आयोजन।
UPSC प्रासंगिकता
सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2: भारत एवं इसका पड़ोस; द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार (BIMSTEC)।
सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3: सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियाँ एवं उनका प्रबंधन; विभिन्न सुरक्षा बल और संस्थाएँ तथा उनके अधिदेश (अंडमान और निकोबार कमान); समुद्री सुरक्षा।
प्रारंभिक परीक्षा: BIMSTEC (1997, बैंकॉक घोषणा, सात सदस्य, ढाका सचिवालय, 2024 में लागू चार्टर, सुरक्षा स्तंभ की अगुवाई भारत के पास); 6वाँ शिखर सम्मेलन (बैंकॉक, 2025); ANC (2001); श्री विजयपुरम; दस डिग्री चैनल और इंदिरा पॉइंट।
मुख्य परीक्षा: “BIMSTEC का पहला समुद्री सुरक्षा अभ्यास समूह के एजेंडे में बदलाव का संकेत है। भारत के लिए बंगाल की खाड़ी के रणनीतिक महत्व और क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा में अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह की भूमिका की चर्चा कीजिए।” (GS2 और GS3, 250 शब्द)
📌 तथ्य सार: ज्ञानकोश
प्रारंभिक परीक्षा: कथन-आधारित तथ्य:
- BIMSTEC का पहला समुद्री सुरक्षा अभ्यास: 30 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026, सभी सात सदस्य (PIB, रक्षा मंत्रालय)
- अभ्यास श्री विजयपुरम (पूर्व में पोर्ट ब्लेयर) में शुरू हुआ, मेज़बान अंडमान और निकोबार कमान (ANC)
- दो चरण (ANC): पहले पेशेवर आदान-प्रदान और योजना का हार्बर चरण, फिर अंतर-संचालनीयता के लिए समुद्री चरण
- PIB के बताए उद्देश्य: अंतर-संचालनीयता, समुद्री क्षेत्र जागरूकता, समन्वय तंत्र, सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान
- ANC: गठन 8 अक्टूबर 2001 को; PIB इसे भारत की पहली एकीकृत त्रि-सैन्य कमान कहता है
- BIMSTEC: 6 जून 1997 को बैंकॉक घोषणा से जन्म; शुरुआत चार सदस्यों वाले BIST-EC के रूप में
- 2014 से ढाका में सचिवालय; चार्टर 20 मई 2024 से लागू; फ़ैसले सर्वसम्मति से
- 6वाँ शिखर सम्मेलन: बैंकॉक, 4 अप्रैल 2025, विषय “BIMSTEC: समृद्ध, सुदृढ़ और खुला”; समुद्री परिवहन समझौते पर हस्ताक्षर
- सुरक्षा स्तंभ की अगुवाई भारत के पास: आतंकवाद-रोध और पारराष्ट्रीय अपराध, आपदा प्रबंधन, ऊर्जा सुरक्षा
- छह शिखर सम्मेलन: बैंकॉक 2004, नई दिल्ली 2008, नेपीडॉ 2014, काठमांडू 2018, कोलंबो 2022, बैंकॉक 2025
- MEA (30 जून 2026 की स्थिति के अनुसार): बांग्लादेश वर्तमान अध्यक्ष है; राजदूत इंद्रमणि पांडेय 4थे महासचिव हैं
प्रारंभिक परीक्षा: संभावित भ्रामक बिंदु:
- “पहला” का अर्थ है पहला समुद्री सुरक्षा अभ्यास; BIMSTEC 2017, 2020, 2021 और 2025 (वर्चुअल) में आपदा प्रबंधन अभ्यास कर चुका है
- भूटान और नेपाल भू-आबद्ध हैं: ANC की योजना के तहत इन्हें प्रतिनिधि भेजने थे, जबकि बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका और थाईलैंड को नौसैनिक परिसंपत्तियाँ भेजनी थीं
- 6वें शिखर सम्मेलन ने अभ्यास का आदेश नहीं दिया था; PIB के अनुसार यह शिखर सम्मेलन के परिणामों को आगे बढ़ाता है
- सचिवालय ढाका में है; बैंकॉक से 1997 की घोषणा आई और वहीं 2004 और 2025 के शिखर सम्मेलन हुए
- दस डिग्री चैनल अंडमान समूह को निकोबार समूह से अलग करता है; ग्रेट निकोबार पर स्थित इंदिरा पॉइंट भारत का सबसे दक्षिणी बिंदु है
मुख्य परीक्षा: तर्क और प्रमुख शब्दावली:
- तकनीकी और आर्थिक सहयोग से समुद्र में अमल तक: यह अभ्यास भारत की अगुवाई वाले सुरक्षा स्तंभ को बंगाल की खाड़ी में एक साझा गतिविधि देता है
- प्रमुख शब्द: समुद्री क्षेत्र जागरूकता, अंतर-संचालनीयता, समुद्री संचार मार्ग (SLOC), HADR, सर्वसम्मति, बंगाल की खाड़ी की सुरक्षा
साक्षात्कार: इनके लिए तैयार रहें:
- “BIMSTEC का पहला समुद्री अभ्यास अंडमान में ही क्यों?” ANC महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों के बीचोंबीच स्थित है और उसके पास निगरानी, HADR और खोज-बचाव की क्षमता है (PIB)।
स्रोत: पत्र सूचना कार्यालय (रक्षा मंत्रालय), BIMSTEC के पहले समुद्री सुरक्षा अभ्यास पर विज्ञप्ति, 31 अक्टूबर 2026 (ID 2330850)। OMM Com, “ANC geared up to host maiden BIMSTEC Maritime Security Exercise”, 29 अक्टूबर 2026। Odisha Bytes, “First-ever BIMSTEC Maritime Security Exercise gets underway in the Andamans”, 30 अक्टूबर 2026। The Tribune, अजय बनर्जी, 31 अक्टूबर 2026। island.lk, “SLNS Gajabahu reaches Andaman and Nicobar Islands for BIMSTEC-2026 exercise”। विदेश मंत्रालय, “India in BIMSTEC” (जून 2026 तक अद्यतन)। PIB, 6वें BIMSTEC शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री, अप्रैल 2025 (ID 2118696); समुद्री सुरक्षा सहयोग पर BIMSTEC विशेषज्ञ समूह की 4थी बैठक, नवंबर 2025 (ID 2194246); ANC के 21वें स्थापना दिवस पर CDS का संदेश, अक्टूबर 2021 (ID 1762152); पोर्ट ब्लेयर का नाम बदलना, सितंबर 2024 (ID 2054647)। bimstec.org (इतिहास और सदस्य देशों के पेज)। अंडमान और निकोबार प्रशासन, UT Profile। Encyclopaedia Britannica, “Andaman and Nicobar Islands”।
- टिप्पणी: उद्धरण-चिह्नों में दिए गए विधिक और आधिकारिक अंश अंग्रेज़ी पाठ के हिंदी अनुवाद हैं।